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संदेश

कैंप डेविड में भड़के ट्रंप, हेगसेथ से पूछा हथियारों की कमी की बात छिपाई क्यों, जेल भेजने की धमकी

  अमेरिका में ईरान के साथ जारी जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से तीखी बहस हो गई। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यह टकराव हथियारों और गोला बारूद की भारी कमी को लेकर हुआ, जो ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को सीमित कर सकती है। Source: wikimedia  कैंप डेविड में कैसे भड़के ट्रंप रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी घटना पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान हुई। मामले से वाकिफ दो सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने हेगसेथ से सीधा सवाल पूछा कि आखिर उन्हें गोला बारूद की कमी की सही जानकारी क्यों नहीं दी गई, जबकि उन्हें लगता था कि यह समस्या पहले ही ठीक कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह कमी खासतौर पर लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर सिस्टम की है। हेगसेथ ने किस पर मढ़ा ठीकरा इस पूरे विवाद में हेगसेथ ने अपनी सफाई देते हुए इस कमी और सही जानकारी ना देने का ठीकरा अपने डिप्टी स्टीफन फाइनबर्ग पर फोड़ दिया। इसके बाद ट्रंप ने खुद फाइनबर्ग को फोन कर उन्हें फटकार लगाई और शुक्रव...

मोदी की फेसबुक पोस्ट भारत में ब्लॉक, बग्गा ने पूछा किसने दिया यह अधिकार

 डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल संप्रभुता को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पर डाली गई एक पोस्ट को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह भारत में ब्लॉक कर दी गई है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और डिजिटल अधिकारों दोनों मोर्चों पर बहस का विषय बन गया है। Source: wikimedia  पेपर लीक विवाद से जुड़ी है पूरी पृष्ठभूमि यह विवाद हाल ही में हुए नीट प्रवेश परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ा है, जिसने लाखों छात्रों और उनके परिवारों में गहरा आक्रोश पैदा किया था। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की थी। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर मंतर पर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने फेसबुक पर क्या शेयर किया था इसी घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फेसबुक पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने ...

सिवान में छात्रों पर AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, संबित पात्रा का दावा झूठा साबित

 नीट पेपर लीक के विरोध में पच्चीस जुलाई को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान सिवान शहर में हालात बेहद हिंसक हो गए थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी को हाथ में AK-47 राइफल लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों की तरफ फायरिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। अब पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए फायरिंग करने वाले जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। Source:ai कौन है यह पुलिसकर्मी सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि फायरिंग करने वाले जवान की पहचान अभिषेक पटेल के तौर पर हुई है, जो विशेष जांच दल यानी SIT में तैनात थे। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अभिषेक पटेल ने पहले छात्रों की दिशा में एक गोली दागी, जिसके बाद आंदोलनकारी छात्र पीछे की तरफ भागते नजर आए। यह भी पढ़ें 👉   रेस्तरां या पार्क नहीं अब युवाओं की नई पसंद graveyard बना घटना वाले दिन क्या हुआ था पुलिस के मुताबिक बंद के दौरान करीब पांच सौ से अधिक लोग जेपी चौक और अस्पताल मोड़ की तरफ से ईंट पत्थर फेंकते हुए और फायरिंग करते हुए थाने की तरफ बढ़ रहे थे। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने सरकारी संपत्ति और सुरक...

कैफे रेस्टोरेंट नहीं, कब्रिस्तान बना जेनजी का नया डेटिंग स्पॉट, जानिए क्यों पसंद कर रहे हैं यह अजीब ट्रेंड

 डेटिंग की दुनिया लगातार बदलती रहती है, लेकिन इस बार जो ट्रेंड सामने आया है वह सुनने में थोड़ा हैरान करने वाला जरूर लगता है। कैफे, रेस्टोरेंट और मूवी डेट्स को पीछे छोड़कर जेनरेशन जेड के कई गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड अब कब्रिस्तान में जाकर वक्त बिताना पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे ग्रेवयार्ड डेटिंग नाम से जाना जा रहा है और यह तेजी से एक चर्चा का विषय बन गया है। Source:ai आखिर होता क्या है इस डेट में ग्रेवयार्ड डेटिंग में पार्टनर्स कब्रिस्तान जैसी शांत जगहों पर जाकर कब्रों के आसपास घूमते हैं, बातें करते हैं और एक दूसरे को गहराई से समझने की कोशिश करते हैं। यह किसी हॉरर या डरावने अनुभव जैसा नहीं बल्कि शांत माहौल में लंबी और सार्थक बातचीत का जरिया माना जा रहा है। कई पुराने और ऐतिहासिक कब्रिस्तान अपनी हरियाली, पुरानी वास्तुकला और शांत माहौल के चलते इस तरह की मुलाकातों के लिए मुफीद जगह बन गए हैं। यह भी पढ़ें 👉  धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद प्रहलाद जोशी नई शिक्षा मंत्री बने फिल्मों में पहले भी दिख चुका है यह नजारा दिलचस्प बात यह है कि यह विचार बिल्कुल नया नहीं है। द बिग बैंग थ...

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद प्रल्हाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, जानिए कितने पढ़े लिखे हैं

  नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने नए शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्देश दिया है। जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए अगले आदेश तक शिक्षा मंत्रालय की भी देखरेख करेंगे। Source:ai कौन हैं प्रल्हाद जोशी सत्ताईस नवंबर उन्नीस सौ बासठ को कर्नाटक के विजयपुरा में जन्मे प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड केएस आर्ट्स कॉलेज से बैचलर ऑफ आर्ट्स यानी बीए की पढ़ाई पूरी की है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कारोबार और सामाजिक क्षेत्र में भी काम किया था। कब से हैं सांसद प्रल्हाद जोशी 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने 2004 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था और कांग्रेस उम्मीदवार बीएस पाटिल को हराकर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा वे 2014 से...

जीत तो मिल गई, अब आगे क्या करेगी CJP, चुनाव लड़ने पर दिपके ने पहले ही दे दिया था जवाब

 शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का जंतर मंतर आंदोलन एक बड़ी जीत के साथ खत्म हो चुका है। लेकिन अब देशभर में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या CJP सिर्फ एक आंदोलन तक सीमित रहेगी, या अब यह संगठन एक स्थायी राजनीतिक ताकत बनने की तरफ बढ़ेगा। इस सवाल का जवाब खुद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन खत्म होने से पहले ही कई इंटरव्यू में दे दिया था। Source: wikimedia  क्या चुनाव लड़ेगी CJP आंदोलन के दौरान ही एक इंटरव्यू में जब दिपके से सीधा सवाल पूछा गया कि क्या CJP आगामी चुनावों में हिस्सा लेगी, तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य छात्रों और युवाओं के मुद्दों को उठाना है, ना कि चुनाव लड़ना। उन्होंने इसे एक तीखे सवाल के साथ समझाया कि अगर इस देश में अपने अधिकारों की मांग करने के लिए हर किसी को चुनाव लड़ना पड़े, तो फिर व्यवस्था कैसे चलेगी। इस जवाब से साफ है कि फिलहाल पार्टी खुद को एक दबाव समूह या जन आंदोलन के तौर पर ही देखती है, चुनावी राजनीति में सीधे उतरने का उनका कोई तात्कालिक इरादा नहीं दिखता। पीएम मोदी को लेकर दिपके ...

मांगे पूरी होते ही CJP का जंतर मंतर आंदोलन खत्म, दिपके बोले झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

 नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर बीस जून से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का देशव्यापी आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया, और पार्टी नेताओं ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह से मुलाकात भी की। Source:ai जंतर मंतर पर उमड़ा जश्न इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर मंतर पर मौजूद CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जमकर जश्न मनाया, राष्ट्रगान गाया और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। यह नजारा कई हफ्तों की थकान और तनाव के बाद राहत और खुशी का माहौल लेकर आया। दिपके का तंज भरा बयान CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हमेशा कहती थी कि उनकी सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन आखिरकार इस्तीफा लेकर दिखा दिया गया। उन्होंने इसे कॉकरोच और लोकतंत्र दोनों की जीत करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में डरना नहीं बल्कि बोलना जरूरी है। दो म...

आखिरकार झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, PM मोदी को भेजी चिट्ठी

नीट यूजी परीक्षा विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की। Source-ai इस्तीफे में क्या लिखा अपनी चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वे छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं और उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने बताया कि तीन मई को हुई नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायतें आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला सीबीआई को सौंपा, परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया और अगले साल से नीट को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित मोड में कराने की घोषणा भी कर दी थी। बीस लाख छात्रों की बात की प्रधान ने लिखा कि बीस लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष रूप से कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी, जिसके लिए इक्कीस जून को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक...

मीडिया रिपोर्ट पर सीजेआई सूर्यकांत की सफाई, कहा गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग हुई, जरूरत पड़ी तो दखल दूंगा

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका को सुनने से इनकार कर दिया था। सीजेआई ने कहा कि यह पूरी तरह गलत और गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग पर आधारित है। Source:ai क्या कहा सीजेआई ने सीजेआई सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि पिछले दो दिनों में यह पूरी तरह गलत बताया गया कि कोई मामला दायर किया गया था। उन्होंने कहा कि सुबह दस बजे तक एक भी याचिका दायर नहीं हुई थी, बल्कि यह सिर्फ एक पत्र या अभ्यावेदन था। उन्होंने सीधा सवाल किया कि वे उस पत्र को रिट याचिका कैसे मान सकते हैं। सीजेआई ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद रजिस्ट्री से इसकी स्थिति की पुष्टि की थी, और मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने इसका जिक्र किया था, लेकिन मीडिया ने बिना सोचे समझे यह रिपोर्ट कर दिया कि उन्होंने मामला सुनने से इनकार कर दिया। पत्र में क्या मांग की गई थी वकील नरेंद्र मिश्रा ने सीजेआई को लिखे पत्र में संविधान के अनुच्छेद बत्तीस के तहत सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया...

पेपर लीक विवाद पर सबसे बड़ा एक्शन, NTA के 47 अफसर बर्खास्त, कुछ पर होगी कानूनी कार्रवाई

  नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद देशभर में उठे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक NTA ने अपने सैंतालीस अधिकारियों और कर्मचारियों को नौकरी से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। Source:ai कितने बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई इसलिए भी बेहद बड़ी मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार ने खुद राज्यसभा में जानकारी दी थी कि NTA में सिर्फ उनतालीस स्थायी कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जबकि तिहत्तर कर्मचारी संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त हैं। शिक्षा मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में यह भी बताया था कि एजेंसी का पूरा कामकाज सिर्फ इन्हीं कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आउटसोर्स स्टाफ और अल्पकालिक आधार पर नियुक्त कर्मियों पर भी एजेंसी काफी हद तक निर्भर रहती है। ऐसे में सैंतालीस कर्मचारियों की एक साथ बर्खास्तगी एजेंसी के कुल स्टाफ का बड़ा हिस्सा मानी जा रही है। किन आरोपों के आधार पर हुई बर्खास्तगी सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के गंभीर आरोपों से घिरी NTA ने यह कद...

देर रात पीएम मोदी का वीडियो संदेश, बोले पेपर लीक मामूली विषय नहीं, आज होगी बड़ी कार्रवाई

  जंतर मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और आज इस मामले में और भी बड़ी व कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Source-ai  क्या कहा प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए इस वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने छात्रों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि दोस्तों, पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, इससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को बेहद पीड़ा होती है। उन्होंने बताया कि इसी दिन उन्होंने संबंधित विभागों को पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दे दिए थे, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई के लिए अगले दिन कैबिनेट में भी चर्चा होगी। यह भी पढ़ें 👉 24 july को देश भर में cjp प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण होगा पीएम के संदेश की पांच बड़ी बातें प्रधानमंत्री के इस संदेश को पांच मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है। पहला, दे...

कल 800 जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान, CJP बोली हर शहर हर गांव में उठेगी आवाज

 नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर चल रहा आंदोलन अब दिल्ली की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे देश में फैलने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने चौबीस जुलाई के लिए देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है और अपील की है कि यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित न रहे, बल्कि हर शहर और हर गांव में लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। Source:ai एक दिन एक मांग का नारा CJP ने अपने ऐलान में साफ किया है कि कल देश के करीब आठ सौ जिलों में एक साथ प्रदर्शन होंगे, जिसका आधार वन डे वन डिमांड यानी एक दिन एक मांग का सिद्धांत होगा। इसका मतलब है कि हर जिले में एक ही दिन, एक ही मांग को लेकर आवाज उठाई जाएगी, ताकि पूरे देश में एक साथ एक जैसा संदेश जाए। पार्टी ने छात्र संगठनों और स्थानीय संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने अपने इलाकों में प्रदर्शन का समन्वय करें, छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ें और पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाएं। जंतर मंतर पर बुधवार को फिर बिगड़े हालात यह ऐलान ऐसे समय आया है जब बुधवार शाम को जंतर मंतर के आसपास एक बार फिर ...

लाठीचार्ज के वीडियो देखने से CJI ने किया इनकार, कहा हमारा समय बर्बाद मत करिए

  नीट पेपर लीक और CJP के जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन वहां भी याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं मिली। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया और वीडियो सबूत देखने तक से मना कर दिया। Source:ai अदालत में क्या हुआ मामले का उल्लेख करते हुए वकील नरेंद्र कुमार मिश्रा ने बेंच से कहा कि यह मामला नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से जुड़ा है और पुलिस कार्रवाई को लेकर तत्काल सुनवाई की जरूरत है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने साफ कहा कि उन्हें इस केस में कोई रुचि नहीं है। जब वकील ने जोर देकर बताया कि उनके पास पुलिस की कथित ज्यादती और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के कई वीडियो फुटेज मौजूद हैं और उन्हें अदालत में पेश करने की पेशकश की, तो सीजेआई ने वह पेशकश स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया और कहा कि हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए। यह भी पढ़ें 👉 जंतर मंतर पर बोले सलमान खान कैसे हुई थी घटना सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व म...

जंतर मंतर हिंसा देख भाईजान का दर्द छलका, बोले बच्चों और परिवार के साथ मेरी पूरी संवेदना

  बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने आखिरकार दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। बीस जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के नेतृत्व में जंतर मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े थे। इस पूरी घटना पर सलमान खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट शेयर की है। Source:ai क्या लिखा सलमान खान ने अपनी पोस्ट में सलमान खान ने अपनी पुरानी स्कूल के दिनों की एक धुंधली तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि यह एक बहुत ही शांतिपूर्ण आंदोलन था और बहुत दुख की बात है कि इसने हिंसक रूप ले लिया। उन्होंने कहा कि जो छात्र और उनके परिवार इस दौरान घायल हुए, उनके प्रति उनकी पूरी संवेदना है। सलमान ने आगे लिखा कि पेपर लीक एक बेहद गंभीर मुद्दा है और उन्हें खुशी है कि देश के बच्चे एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं। राजनीतिक रंग देने पर जताई आपत्ति अपने बयान में सलमान खान ने यह भी कहा कि यह मुद्दा सीधे तौर पर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है, और इसे राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं है।...

काले कपड़ों में विपक्ष का संसद में महाप्रदर्शन, खरगे बोले कल फिर पछताएंगे, प्रधान की खिंचाई

  नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहा विपक्ष का आंदोलन बुधवार को संसद परिसर तक पहुंच गया। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया। Source: social media  काले कपड़े क्यों पहने गए कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सुबह ही स्पष्ट कर दिया था कि सभी विपक्षी सांसद आज काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएंगे। उनके मुताबिक यह कदम दिल्ली में छात्रों के साथ हुए बर्ताव और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने की जिद के खिलाफ था। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने इसे मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष और अन्य सांसदों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का सीधा जवाब बताया। प्रियंका गांधी ने बजट का हवाला दिया प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनके साथ जो हुआ वह गौण है, असली सवाल यह है कि छात्रों के साथ जो हुआ वह उचित था या नहीं। उन्होंने शिक्षा के एक लाख चालीस हजार करोड़ रुपए के बजट की तुलना बड़े उद्योगपत...

राहुल गांधी को पुलिस घसीटते हुए ले गई, सड़क पर लेट गए, प्रियंका को भी हिरासत में लिया, देर रात हुई रिहाई

 पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस बलपूर्वक हिरासत में ले गई। यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार शाम को हुआ, जब जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा प्रधानमंत्री आवास के पास लोक कल्याण मार्ग पर धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को अलग अलग जगह पहुंचाया, राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम, प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने और बाकी कई सांसदों को किंग्सवे कैंप क्षेत्र में ले जाया गया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया। Source: social media  धरने की शुरुआत कैसे हुई थी दरअसल संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता नीट पेपर लीक के मुद्दे पर पीएम आवास के बाहर विरोध जताने पहुंचे थे। नेताओं का आरोप था कि विपक्षी सांसदों को संसद के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा तक करने नहीं दी जा रही। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह खुद कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से ...

राहुल प्रियंका पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली की सियासत में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के तमाम बड़े नेता प्रधानमंत्री आवास के पास लोक कल्याण मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस पूरे विरोध प्रदर्शन की सीधी वजह जंतर मंतर पर CJP आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज है। Source:ai पैदल मार्च से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पैदल मार्च करते हुए पीएम आवास की तरफ कूच किया। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद विनोद जाखड़ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। मार्च के दौरान कांग्रेस नेता जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए और सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई। राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को संसद...

जंतर मंतर पर उमड़े 20 हजार लोग,दिल्ली पुलिस ने CJP के संसद मार्च को नहीं दी अनुमति, धारा 163 लागू

आज सोमवार बीस जुलाई को दिल्ली का जंतर मंतर पूरे दिन देश की सबसे बड़ी सियासी हलचल का केंद्र बना रहा। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संसद मार्च, पुलिस की सख्ती, केंद्रीय मंत्री से बातचीत और प्रधानमंत्री के बयान तक, दिनभर एक के बाद एक बड़ी घटनाएं होती रहीं। शाम होते होते यह साफ हो गया कि यह आंदोलन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। Source:ai सुबह से जुटने लगी भारी भीड़ रविवार रात से ही जंतर मंतर पर लोगों का जमावड़ा बढ़ना शुरू हो गया था और सोमवार सुबह तक यह संख्या करीब बीस हजार तक पहुंच गई। दिल्ली पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और नई दिल्ली जिले में धारा एक सौ तिरसठ लागू है, जिसके तहत पांच से ज्यादा लोगों के जमावड़े पर रोक रहती है। इसके बावजूद पंद्रह जोन में बंटे इलाके में पांच हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और पच्चीस से अधिक अर्धसैनिक टुकड़ियों के बीच से होते हुए हजारों की भीड़ जंतर मंतर पर डटी रही। पथराव और झड़प में सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल दिन बढ़ने के साथ हालात ...

दिल्ली पुलिस ने CJP के संसद मार्च को नहीं दी अनुमति, धारा 163 लागू, फिर भी जंतर मंतर पर उमड़े 20 हजार लोग

परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले तेईस दिनों से जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन आज बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने आज जंतर मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मार्च को कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद रविवार रात तक जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में करीब बीस हजार लोग जमा हो चुके थे। Source:ai पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति दिल्ली पुलिस के मुताबिक CJP की तरफ से मार्च के लिए ना तो कोई औपचारिक आवेदन दिया गया और ना ही किसी तरह की स्वीकृति मांगी गई। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा एक सौ तिरसठ लागू कर दी है, जो पुरानी सीआरपीसी की धारा एक सौ चवालीस जैसी ही है। इस धारा के तहत बिना अनुमति किसी भी तरह की रैली, जुलूस या पांच से ज्यादा लोगों के जमावड़े पर पूरी तरह रोक रहती है। पुलिस ने कहा है कि सिर्फ जंतर मंतर के तय प्रदर्शन स्थल पर ही पहले से अनुमति लेकर विरोध किया जा सकता है, उससे आगे कोई भी मार्च गैरकानूनी माना जाएगा। छावनी में तब्दील हुआ इलाका आशंकित हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी...

घर में मौजूद चीजों से बालों और त्वचा की देखभाल कैसे करें, आसान तरीके

 पार्लर के महंगे ट्रीटमेंट और केमिकल वाले प्रोडक्ट्स के बीच अक्सर हम भूल जाते हैं कि किचन की अलमारी में ही ऐसी चीजें छुपी होती हैं जो सालों से हमारी दादी नानी इस्तेमाल करती आई हैं। न कोई भारी खर्च, न कोई साइड इफेक्ट का डर, बस कुछ आसान तरीके जो आजमाकर देखने लायक हैं। Source:ai नारियल तेल से बालों की जड़ों तक पोषण हल्का गुनगुना नारियल तेल लेकर उंगलियों से बालों की जड़ों में धीरे धीरे मालिश करना एक पुराना मगर भरोसेमंद तरीका है। इससे स्कैल्प को नमी मिलती है और बाल टूटने की समस्या धीरे धीरे कम होने लगती है। हफ्ते में दो बार यह मालिश करने की आदत डालने से समय के साथ फर्क खुद नजर आने लगता है। Source:ai दही और शहद से बालों में नई जान दही और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर बालों में लगाना रूखे बालों के लिए एक कारगर घरेलू तरीका माना जाता है। इसे बालों में लगाकर करीब तीस मिनट छोड़ देना चाहिए, फिर सादे पानी से धो लेना चाहिए। इससे बाल मुलायम और मैनेजेबल महसूस होते हैं। Source:ai बेसन हल्दी का उबटन त्वचा के लिए बेसन में चुटकी भर हल्दी और दूध मिलाकर बनाया गया पेस्ट त्वचा की रंगत निखारने के पुराने न...