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कल 800 जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान, CJP बोली हर शहर हर गांव में उठेगी आवाज

 नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर चल रहा आंदोलन अब दिल्ली की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे देश में फैलने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने चौबीस जुलाई के लिए देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है और अपील की है कि यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित न रहे, बल्कि हर शहर और हर गांव में लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं।

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एक दिन एक मांग का नारा

CJP ने अपने ऐलान में साफ किया है कि कल देश के करीब आठ सौ जिलों में एक साथ प्रदर्शन होंगे, जिसका आधार वन डे वन डिमांड यानी एक दिन एक मांग का सिद्धांत होगा। इसका मतलब है कि हर जिले में एक ही दिन, एक ही मांग को लेकर आवाज उठाई जाएगी, ताकि पूरे देश में एक साथ एक जैसा संदेश जाए। पार्टी ने छात्र संगठनों और स्थानीय संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने अपने इलाकों में प्रदर्शन का समन्वय करें, छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ें और पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाएं।

जंतर मंतर पर बुधवार को फिर बिगड़े हालात

यह ऐलान ऐसे समय आया है जब बुधवार शाम को जंतर मंतर के आसपास एक बार फिर हिंसक झड़प हुई। भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने टॉलस्टॉय मार्ग के पास आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया। इसी घटना के बाद CJP संयोजक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि क्या सरकार एक और बर्बर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों से सीधी अपील की कि वे निर्दोष प्रदर्शनकारियों को पीटने के गैरकानूनी आदेशों का पालन ना करें।

सरकार ने बढ़ाया बातचीत का हाथ

दूसरी तरफ केंद्र सरकार की तरफ से भी बातचीत की नई पहल सामने आई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बीते दिन दोपहर से ही सरकार की तरफ से CJP प्रतिनिधियों को बातचीत के चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी युवा साथियों के लिए एक स्थायी निमंत्रण है कि सरकार किसी भी समय, किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है।

कनॉट प्लेस में एहतियातन बंदी

तनाव को देखते हुए नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि गुरुवार शाम साढ़े छह बजे से कनॉट प्लेस की दुकानें, दफ्तर और रेस्टोरेंट बंद रखे जाएंगे। एसोसिएशन ने इसकी वजह इलाके में बने मौजूदा हालात को बताया है।

अन्ना हजारे का मौन आंदोलन

इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अपना मौन आंदोलन शुरू कर दिया है, जिससे इस मुद्दे को एक और बड़े सामाजिक चेहरे का साथ मिल गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने तोड़ी चुप्पी

नीट पेपर लीक विवाद पर लंबे समय से खामोश रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आखिरकार अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के कल्याण से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है, जिसे सरकार की तरफ से बातचीत की पेशकश और नरम रुख अपनाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस की सख्ती भी जारी

इस बीच खबर यह भी है कि दिल्ली पुलिस CJP से जुड़े दंगा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है, जिसमें उनके पासपोर्ट रद्द कराने की सिफारिश भेजना भी शामिल हो सकता है। इससे साफ है कि सरकार बातचीत की पेशकश के साथ साथ कानूनी सख्ती का रास्ता भी खुला रखे हुए है।


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