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कैंप डेविड में भड़के ट्रंप, हेगसेथ से पूछा हथियारों की कमी की बात छिपाई क्यों, जेल भेजने की धमकी

 

अमेरिका में ईरान के साथ जारी जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से तीखी बहस हो गई। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यह टकराव हथियारों और गोला बारूद की भारी कमी को लेकर हुआ, जो ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को सीमित कर सकती है।

Source: wikimedia 


कैंप डेविड में कैसे भड़के ट्रंप

रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी घटना पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान हुई। मामले से वाकिफ दो सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने हेगसेथ से सीधा सवाल पूछा कि आखिर उन्हें गोला बारूद की कमी की सही जानकारी क्यों नहीं दी गई, जबकि उन्हें लगता था कि यह समस्या पहले ही ठीक कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह कमी खासतौर पर लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर सिस्टम की है।

हेगसेथ ने किस पर मढ़ा ठीकरा

इस पूरे विवाद में हेगसेथ ने अपनी सफाई देते हुए इस कमी और सही जानकारी ना देने का ठीकरा अपने डिप्टी स्टीफन फाइनबर्ग पर फोड़ दिया। इसके बाद ट्रंप ने खुद फाइनबर्ग को फोन कर उन्हें फटकार लगाई और शुक्रवार रात ही पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी। NBC न्यूज के मुताबिक ट्रंप ने यह भी कहा कि यह कमी इस बात पर असर डाल सकती है कि वे ईरान में सैन्य अभियान आगे बढ़ाएं या नहीं, और उन्होंने फाइनबर्ग को हटाने की धमकी तक दे दी।

व्हाइट हाउस ने बताया पूरी तरह झूठ

इन तमाम रिपोर्टों पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा कि यह सौ फीसदी फर्जी खबर है और ऐसी कोई बहस हुई ही नहीं। पेंटागन के प्रवक्ता पार्नेल ने भी कहा कि रक्षा विभाग राष्ट्रपति के निर्देशों को किसी भी समय लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, और हेगसेथ, सेंटकॉम कमांडर एडमिरल कूपर तथा चेयरमैन केन सब एक सुर में और पूरी तरह एकजुट हैं।

ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर क्या कहा

गुरुवार को ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इन खबरों पर पलटवार करते हुए लिखा कि अमेरिका के पास खासतौर पर कुछ श्रेणियों के गोला बारूद का बहुत बड़ा भंडार मौजूद है, हालांकि उन्होंने इसका कोई विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बड़ी मात्रा में हथियार लगातार बनाए और अमेरिका भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इन तथाकथित गोपनीय जानकारियों को लीक करने वालों को ढूंढा जा रहा है और उनके खिलाफ लंबी जेल की सजा की मांग की जाएगी।

कांग्रेस में भी हेगसेथ पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद के बीच रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सीनेटरों ने भी हेगसेथ की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। खबरों के मुताबिक हेगसेथ ने बिना राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी के यूक्रेन को भेजी जाने वाली हथियारों की खेप रोक दी थी, जिसे लेकर रिपब्लिकन सांसदों ने कहा कि यह व्हाइट हाउस और पेंटागन के बीच तालमेल की गंभीर कमी को दिखाता है। एक वरिष्ठ सीनेट सहयोगी ने इसे कई स्तरों पर हुई बड़ी चूक करार दिया।

पहले से जारी थी अमेरिकी सेना की चेतावनी

गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिकी सेना के शीर्ष जनरल ने आगाह किया था कि घटते हथियार भंडार और सहयोगी देशों के सीमित समर्थन से ईरान के खिलाफ किसी भी लंबे सैन्य अभियान का जोखिम काफी बढ़ सकता है। युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास 2,330 पैट्रियट सिस्टम और 452 थाड यानी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम मौजूद थे।


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