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राहुल प्रियंका पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली की सियासत में एक बार फिर बड़ा उबाल आ गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के तमाम बड़े नेता प्रधानमंत्री आवास के पास लोक कल्याण मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस पूरे विरोध प्रदर्शन की सीधी वजह जंतर मंतर पर CJP आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज है।

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पैदल मार्च से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पैदल मार्च करते हुए पीएम आवास की तरफ कूच किया। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद विनोद जाखड़ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। मार्च के दौरान कांग्रेस नेता जमकर नारेबाजी करते हुए नजर आए और सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई।

राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को संसद के भीतर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा तक करने नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए अब कोई अवसर नहीं बचा है और उनके लिए सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। उनका कहना था कि एक समय प्रतियोगी परीक्षाओं का रास्ता खुला हुआ था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। धरने से पहले राहुल गांधी लोकसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे और विपक्षी सांसदों के साथ उनसे इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग भी रखी।

प्रियंका गांधी का तीखा हमला

प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों और युवाओं से बात करने के बजाय सरकार उन पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने इस पूरे रवैये को अमानवीय बताते हुए कहा कि जब देश का युवा अपने भविष्य के लिए सड़क पर उतरता है तो सरकार का काम उससे संवाद करना है, ना कि बल प्रयोग करना।

कई नेता हिरासत में लिए गए

धरने के दौरान पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नी समेत कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद चन्नी ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया कि पार्टी छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही मांगने वालों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए कुचलने की कोशिश कर रही है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल

धरने से इतर राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों का हालचाल जानने राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी पहुंचे। वहीं प्रियंका गांधी ने रामलीला मैदान में मौजूद प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर उनके साथ हुई पुलिस कार्रवाई को शर्मनाक करार दिया।

सरकार की तरफ से बातचीत की कोशिश

हालात को शांत करने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश की। हालांकि इस बातचीत का कोई ठोस नतीजा अभी तक सामने नहीं आया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि देश के युवाओं का भविष्य चुराना अब मोदी सरकार की आदत बन चुकी है और पिछले ग्यारह साल में सरकार ने भर्ती परीक्षाओं से लेकर नौकरी मिलने तक का पूरा सफर पेपर लीक माफियाओं के हवाले कर दिया है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस नेताओं का धरना अब भी जारी है और पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा। ऐसे में मानसून सत्र के आगे के दिनों में भी संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे पर टकराव और बढ़ने के आसार हैं।


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