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मांगे पूरी होते ही CJP का जंतर मंतर आंदोलन खत्म, दिपके बोले झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

 नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर बीस जून से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का देशव्यापी आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने का ऐलान कर दिया, और पार्टी नेताओं ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह से मुलाकात भी की।

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जंतर मंतर पर उमड़ा जश्न

इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर मंतर पर मौजूद CJP कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जमकर जश्न मनाया, राष्ट्रगान गाया और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। यह नजारा कई हफ्तों की थकान और तनाव के बाद राहत और खुशी का माहौल लेकर आया।

दिपके का तंज भरा बयान

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हमेशा कहती थी कि उनकी सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन आखिरकार इस्तीफा लेकर दिखा दिया गया। उन्होंने इसे कॉकरोच और लोकतंत्र दोनों की जीत करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में डरना नहीं बल्कि बोलना जरूरी है।

दो मांगें अभी भी बाकी

हालांकि दिपके ने साफ किया कि आंदोलन की एक बड़ी मांग जरूर पूरी हो गई है, लेकिन दो अहम मांगें अभी भी बाकी हैं। उनके मुताबिक प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों की जान गई उनके परिवारों को उचित मुआवजा मिलना और आंदोलन के दौरान बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होना अभी बाकी है। इन मुद्दों पर आगे भी बातचीत जारी रहेगी और अगली बैठक जब भी सरकार बुलाएगी, CJP उसमें शामिल होगी।

वांगचुक ने बताया इसे धैर्य की जीत

समाजवादी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो अपनी सेहत बिगड़ने के चलते छब्बीस दिन बाद ही अपना अनशन तोड़ चुके थे, उन्होंने भी एक्स पर पोस्ट कर इस इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक जन आंदोलन था और आज जो इस्तीफा हुआ है, यह छात्रों के धैर्य का नतीजा है।

विपक्षी नेताओं ने दी बधाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा तक सभी विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को इस जीत पर बधाई दी। राहुल गांधी, जिन्होंने कुछ ही घंटे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधान को हटाने का अल्टीमेटम दिया था, उनकी मांग पूरी होने पर विपक्ष खेमे में भी संतोष का माहौल देखा गया।

दिपके की मां की भावुक प्रतिक्रिया

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने भी आंदोलन खत्म होने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज वे बहुत खुश हैं, आखिरकार उनके बेटे के प्रयासों का फल उसे मिल गया, उसने शुरू से अपनी मांगों पर दृढ़ रहने का फैसला किया था और लगातार यही कहता रहा कि उनकी मांगे जरूर पूरी होंगी।

36 दिन का सफर पूरा

गौरतलब है कि यह आंदोलन तीन मई को हुई नीट यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों की शिकायतों से शुरू हुआ था, जिसके बाद इक्कीस जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। सोलह जुलाई को नतीजे आने के बाद भी विवाद थमा नहीं और आंदोलन ने और जोर पकड़ लिया, जिसमें जंतर मंतर पर हफ्तों तक धरना, पुलिस लाठीचार्ज, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत, और आखिरकार आठ सौ जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान जैसे कई बड़े मोड़ आए।


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