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काले कपड़ों में विपक्ष का संसद में महाप्रदर्शन, खरगे बोले कल फिर पछताएंगे, प्रधान की खिंचाई

 नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहा विपक्ष का आंदोलन बुधवार को संसद परिसर तक पहुंच गया। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और मकर द्वार के सामने प्रदर्शन किया।

Source: social media 


काले कपड़े क्यों पहने गए

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सुबह ही स्पष्ट कर दिया था कि सभी विपक्षी सांसद आज काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएंगे। उनके मुताबिक यह कदम दिल्ली में छात्रों के साथ हुए बर्ताव और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने की जिद के खिलाफ था। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने इसे मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष और अन्य सांसदों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का सीधा जवाब बताया।

प्रियंका गांधी ने बजट का हवाला दिया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनके साथ जो हुआ वह गौण है, असली सवाल यह है कि छात्रों के साथ जो हुआ वह उचित था या नहीं। उन्होंने शिक्षा के एक लाख चालीस हजार करोड़ रुपए के बजट की तुलना बड़े उद्योगपतियों के सोलह लाख करोड़ रुपए के माफ किए गए कर्ज से की और कहा कि छात्र सिर्फ अपने हक की मांग कर रहे हैं।

खरगे और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सदन नियमों के तहत नहीं चल रहा और राहुल व प्रियंका के साथ हुआ व्यवहार गलत था। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी मांगों से कोई समझौता नहीं किया, जबकि सांसद प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी की तीनों मांगों का पूरा समर्थन जताया। केसी वेणुगोपाल ने सीधे तौर पर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अब शिक्षा मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

राजद और अन्य दलों की भागीदारी

राजद सांसद संजय यादव ने बार बार हो रहे पेपर लीक और बेरोजगारी के ऊंचे स्तर को लेकर सरकार की आलोचना की। समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की भागीदारी ने इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता को स्पष्ट रूप से दिखाया।



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