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जंतर मंतर से जबरन उठाए गए सोनम वांगचुक, अस्पताल में भर्ती, विपक्ष ने सरकार को घेरा

 दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले बीस दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस अपने साथ अस्पताल ले गई। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई का एक वीडियो सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मी वांगचुक को धरना स्थल से उठाते नजर आ रहे हैं और इस दौरान उन्हें लोगों की नजरों से बचाने के लिए बीच में एक सफेद चादर तान दी गई थी। Source:socialmedia  पुलिस ने क्या सफाई दी नई दिल्ली की डीसीपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सख्त सलाह के बाद उठाया गया। पुलिस के मुताबिक बीस दिनों की भूख हड़ताल के चलते वांगचुक का वजन नौ किलोग्राम से ज्यादा घट चुका था और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। पुलिस का यह भी कहना है कि अदालती आदेश का पालन कराते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिससे मौके पर थोड़ी अफरा तफरी मची, लेकिन संयम बरतते हुए वांगचुक को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। इसे भी देखें 👇 👇  फांसी का डर नहीं शेख हसीना को,इसी...

Muhammad Ali jauhar university ko gira diya jayega!

 उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और फिलहाल जेल में बंद आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। रामपुर विकास प्राधिकरण यानी RDA ने यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को अवैध निर्माण मानते हुए उन्हें गिराने का आदेश जारी कर दिया है। नियम के मुताबिक ट्रस्ट को पहले 15 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वह खुद ही अवैध निर्माण हटा सके। Source:wikimedia  किसने और क्यों बनवाई थी यह यूनिवर्सिटी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का गठन साल 2003 में हुआ था। 18 सितंबर 2005 को उस वक्त के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी थी। इसके बाद कई सालों तक निर्माण कार्य चलता रहा और करीब 2012 में इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ। करीब 1500 बीघा यानी लगभग 250 एकड़ में फैला यह परिसर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े निजी शैक्षणिक परिसरों में गिना जाता है, जिसमें मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग, शिक्षा, कृषि, लाइब्रेरी और हॉस्टल जैसी कई बड़ी बिल्डिंगें बनाई गई थीं। निर्माण पर करीब 496 करोड़ रुपए खर्च होने की बात सामने आई ...

UNSC की गैर स्थायी सीट पर भारत की दावेदारी पर आया चीन का पहला बयान, जानिए क्या कहा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC की 2028-29 अवधि के लिए अस्थायी सदस्यता हासिल करने की भारत की दावेदारी पर चीन ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को नियमित प्रेस वार्ता में भारत की उम्मीदवारी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केवल इतना कहा कि चीन ने इससे जुड़ी खबरों पर गौर किया है। उन्होंने ना तो भारत के समर्थन में कोई बात कही और ना ही विरोध जताया, जिससे यह बयान कूटनीतिक हलकों में एक फीकी लेकिन गौर करने लायक प्रतिक्रिया माना जा रहा है। Source: Wikimedia  शांति मिशन के नाम से शुरू हुआ अभियान यह पूरा मामला चौदह जुलाई का है, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के आधिकारिक चुनाव अभियान की शुरुआत की। जयशंकर ने इस अभियान को शांति यानी SHANTI नाम दिया, जिसका पूरा मतलब है नियमों, विश्वास और सत्यनिष्ठा के जरिए समग्र प्रगति सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम केवल एक नारा नहीं बल्कि भारत की विदेश नीति की असली भावना है, जिसे भारत ने दुनिया की मदद करके बार बार साबित भी किया है। आतंकवाद और ...

फांसी की सजा के बावजूद डर नहीं, शेख हसीना बोलीं इसी साल जरूर लौटूंगी अपने वतन बांग्लादेश

 क्या कहा शेख हसीना ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने साफ ऐलान किया है कि वे इसी साल अपने देश बांग्लादेश लौटेंगी, भले ही उन्हें मौत की सजा का सामना ही क्यों न करना पड़े। एक इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि सजा का डर उन्हें अपने फैसले से पीछे नहीं हटा सकता। करीब दो साल पहले देश छोड़ने के बाद से वे भारत में रह रही हैं। Source: wikimedia  बाईस महीने बाद पहली बार आधिकारिक ऐलान आवामी लीग प्रमुख का यह बयान बाईस महीने में पहली बार आया है, जिसने नई दिल्ली से लेकर ढाका तक सियासी हलचल मचा दी है। हसीना ने कहा कि उनकी जिंदगी में लंबे समय से निजी समय जैसी कोई चीज नहीं रही और उन्होंने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश की जनता के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने उन्नीस सौ पचहत्तर में अपने पूरे परिवार को खोने और उसके बाद वर्षों तक निर्वासन में रहने की पुरानी यादें भी साझा कीं। कितने मुकदमे और कितनी सजा शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में छह सौ तिरसठ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से चार सौ तिरपन मामले हत्या से जुड़े बताए जाते हैं। इसके अलावा उन पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप भी हैं। अब तक ...

भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

  क्या है पूरा मामला जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का जंतर मंतर पर चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। उनकी लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए अदालत में एक जनहित याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। Source: socialmedia   याचिका में क्या मांग की गई यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता और वकील राकेश कुमार सैनी ने दाखिल की है। इसमें अदालत से मांग की गई है कि केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में जबरन तरल आहार दिया जाए। याचिका में यह चिंता भी जताई गई है कि अगर उनकी हालत और बिगड़ी तो यह पूरे देश और दुनिया के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति होगी। अनशन की अब तक की स्थिति वांगचुक अठारह दिनों से जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक के समर्थन में यह आंदोलन कर रहे हैं, जिसकी मुख्...

20 दिन से देश से गायब हैं राहुल गांधी, भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी पूछा सवाल

क्या है पूरा मामला कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गैर मौजूदगी को लेकर इन दिनों राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है। बीते करीब बीस दिनों से राहुल गांधी सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, ना ही उनकी कोई तस्वीर सामने आई है और ना ही उनके शेड्यूल को लेकर कोई साफ जानकारी दी गई है। इसी बीच जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी उन पर तंज कस दिया है। Source:ai छात्रों की गूंज अभियान अचानक क्यों रुका राहुल गांधी ने सत्रह जून को छात्रों की गूंज नाम से एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया था। इस अभियान के जरिए वे शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को मुद्दा बना रहे थे। लेकिन अभियान शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद यह अचानक ठप पड़ गया। इसकी वजह से पहले से तय प्रयागराज का कार्यक्रम टालना पड़ा और उसके बाद पटना का बड़ा आयोजन भी रद्द करना पड़ा। कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता और रणनीतिकार भी अपने ही नेता की इस लंबी चुप्पी से हैरान हैं। नेता प्रतिपक्ष की जवाबदेही पर उठे सवाल राहुल गांध...

अदालत को गुमराह करना पड़ा भारी, दिव्यांगजनों की गरिमा से जुड़े मामले में समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

क्या है पूरा मामला स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर मुश्किलों में घिर गए हैं। इंडियाज गॉट लेटेंट शो से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने उन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि रैना ने अदालत को गुमराह किया और गलत बयान दिए। यह पूरा मामला पिछले साल शो में दिव्यांग बच्चों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित बच्चों को लेकर किए गए एक विवादित मजाक से जुड़ा है। Source:socialmedia शुरुआत में क्या हुआ था पिछले साल इंडियाज गॉट लेटेंट शो में समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य इन्फ्लुएंसर्स पर दिव्यांगजनों का मजाक उड़ाने का आरोप लगा था। क्योर एसएमए फाउंडेशन के मुताबिक शो में एक ऐसे नेत्रहीन नवजात को लेकर भी टिप्पणी की गई थी, जिसे जिंदा रहने के लिए सोलह करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत थी। इस विवाद के बाद रैना और उनके साथ मौजूद कई कॉमेडियन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी। कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पहले रैना को निर्देश दिया था कि वे दिव्यांग व्यक्तियों के लिए धनराशि जुटाने के मकसद से एक कार्यक...