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नमाज़ ट्रेंडिंग क्यों हुई? — एक महीने पुराने वीडियो ने आज आग क्यों लगाई?

 शुरुआत  नमिता थापर का वो वीडियो जो मार्च में आया था।

बात 27 मार्च 2026 की है जब Shark Tank India की जज और Emcure Pharmaceuticals की कार्यकारी निदेशक नमिता थापर ने अपने करीबी दोस्तों के साथ ईद का जश्न मनाने के कुछ दिन बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। उस वीडियो में उन्होंने बताया कि नमाज़ सिर्फ एक आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि इसके शारीरिक स्वास्थ्य फायदे भी हैं। उनका कहना था कि नमाज़ के आसन योग की वज्रासन जैसी स्थिति से मिलते-जुलते हैं जो पाचन सुधारते हैं, शरीर की मुद्रा ठीक करते हैं और तनाव कम करते हैं। उस वक्त वीडियो पर 66,000 लाइक्स आए, कुछ ट्रोलिंग भी हुई, लेकिन मामला ज़्यादा नहीं भड़का और बात आई-गई हो गई।

Source-ai
 

फिर अप्रैल में माहौल बदला — TCS Nashik का मामला सामने आया।

अप्रैल की शुरुआत में Nashik, Maharashtra से एक खबर आई जिसने पूरे देश को हिला दिया। TCS के एक कार्यालय में काम करने वाली एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ 2022 से 2026 तक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न हुआ और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। पुलिस ने जांच बढ़ाई तो और शिकायतें सामने आईं और 3 अप्रैल तक 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी थीं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा के बदले नमाज़ पढ़ने और गोमांस खाने पर मजबूर किया गया। BJP नेताओं ने इसे "कॉर्पोरेट जिहाद" का नाम दिया और X पर यह शब्द तेज़ी से ट्रेंडिंग में आ गया।

फिर Lenskart का दस्तावेज़ वायरल हुआ।

TCS का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि 15-16 अप्रैल को Lenskart का एक आंतरिक दस्तावेज़ X पर वायरल हो गया। इस दस्तावेज़ में लिखा था कि कर्मचारी बिंदी और तिलक नहीं लगा सकते, लेकिन हिजाब की इजाज़त थी। Lenskart के मुखिया Peyush Bansal ने पहले कहा कि यह दस्तावेज़ पुराना है, लेकिन X पर एक सामुदायिक नोट ने बताया कि यह दस्तावेज़ 2 फरवरी 2026 का है और कंपनी की पहचान उस पर साफ दिख रही है। बाद में Bansal ने माना कि दस्तावेज़ असली था लेकिन "गलत" था और उन्होंने माफी मांगी। इसने पहले से नाराज़ लोगों के गुस्से को और भड़का दिया।

Air India भी घिरी ,एक के बाद एक मामले

Lenskart के बाद 18 अप्रैल को Air India का एक पहनावा नीति दस्तावेज़ भी X पर आ गया जिसमें केबिन दल के लिए बिंदी, सिंदूर, तिलक और कलावा पर पाबंदी की बात थी। यह Tata Group की ही कंपनी है और TCS भी Tata Group का हिस्सा है — इस जुड़ाव ने मामले को और तूल दिया। अब X पर एक धारणा बन चुकी थी कि बड़ी भारतीय कंपनियों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों के साथ दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है।

20 अप्रैल को नमाज़ ट्रेंडिंग में क्यों आई?

TCS, Lenskart और Air India से पैदा हुए इस आक्रोश भरे माहौल में किसी ने नमिता थापर का एक महीने पुराना नमाज़ वाला वीडियो फिर से X पर फैलाना शुरू किया। लोगों ने इसे उसी कड़ी का हिस्सा मान लिया और देखते-देखते "नमाज़" X पर ट्रेंडिंग में आ गया। नमिता ने जवाब में एक और वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने खुद को गर्वित हिंदू बताया, कर्म के सिद्धांत की बात की और ट्रोल करने वालों से कहा कि भगवान सब देख रहे हैं। इससे बहस और तेज़ हो गई और दोनों पक्षों के लाखों संदेश X पर भर गए।

तो असल बात क्या है?

नमिता थापर का वीडियो मार्च का था, उसने उस वक्त ज़्यादा आग नहीं लगाई। लेकिन TCS Nashik, Lenskart और Air India के मामलों ने जो माहौल बनाया, उसमें वही पुराना वीडियो एक नई चिंगारी बन गया। यह ट्रेंडिंग एक वीडियो की वजह से नहीं, बल्कि उस पूरे आक्रोश की वजह से है जो पिछले कुछ हफ्तों में एक के बाद एक मामलों से सोशल मीडिया पर इकट्ठा होता रहा। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि TCS और Air India के मामले अभी जांच में हैं और सारे आरोप कानूनी रूप से साबित नहीं हुए हैं — लेकिन सोशल मीडिया पर धारणा की अपनी ताकत होती है और वही आज ट्रेंडिंग बना रही है।


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