सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

AAP का सफाया! राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने थामा BJP का दामन ,

 राघव चड्डा का प्रेस कॉन्फ्रेंस जिसने सबको चौंका दिया

24 अप्रैल 2026,दोपहर के करीब साढ़े तीन बजे थे जब राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आए।  कैमरों की चमक में तीनों के चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी वो शांति जो बड़ा फैसला ले चुके इंसान के चेहरे पर होती है। और फिर राघव चड्ढा ने माइक थामा और एक ऐसा ऐलान किया जिसने पूरी दिल्ली की राजनीति को हिला दिया। AAP के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से अलग होने का एलान करते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपने मूल मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है।  

Source: wikimedia 

"राजनीति छोड़ दें या BJP join करें" ,राघव ने खुद बताई वजह

राघव चड्ढा ने कहा "हमारे पास सिर्फ दो विकल्प थे। या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 साल में किए गए अपने जनसेवा कार्यों को त्याग दें, या अपनी ऊर्जा और अनुभव से सकारात्मक राजनीति करें। इसलिए हमने फैसला किया कि हम राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए BJP में विलय कर लेंगे।"  यह सुनकर मीडिया में सन्नाटा छा गया। यह वही राघव चड्ढा थे जिन्होंने कभी AAP के लिए रातों को जागकर काम किया था।

7 सांसद, एक झटका AAP का राज्यसभा में हुआ बंटाधार

राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ-साथ स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह समेत कुल 7 AAP सांसदों ने पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने का ऐलान किया। AAP के राज्यसभा में 10 सांसद थे जिनमें 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से थे। इस बड़ी टूट के बाद अब AAP के पास राज्यसभा में सिर्फ तीन सांसद बचे हैं , संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सिच्चेवाल।  यानी एक ही दिन में AAP की राज्यसभा में ताकत आधी से भी कम रह गई।

"मैं सही आदमी, गलत पार्टी में था" राघव का AAP पर सबसे बड़ा वार

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा "मैं आपको पार्टी की गतिविधियों से खुद को अलग करने का असली कारण बता रहा हूं। मैं उनके अपराधों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। मैं उनकी दोस्ती के लायक नहीं था।" संदीप पाठक ने भी भावुक होते हुए कहा "मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि यह स्थिति आएगी, पर यह आई। 10 साल से इस पार्टी से जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं।" 

Source: wikimedia 

केजरीवाल का जवाब सिर्फ एक लाइन

इतने बड़े झटके के बाद दिल्ली की नज़रें केजरीवाल पर थीं। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने X पर सिर्फ एक लाइन लिखी "BJP ने फिर से पंजाबियों को धक्का दिया।" न कोई लंबा भाषण, न कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस। एक लाइन जिसमें गुस्सा भी था और बेबसी भी।

भगवंत मान का "वाशिंग मशीन" वाला तंज

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP पर "वाशिंग मशीन" का तंज कसते हुए कहा "BJP ने पंजाब के साथ धोखा किया। यही वाशिंग मशीन शरद पवार, शिव सेना UBT और कांग्रेस के नेताओं के साथ भी इस्तेमाल हुई। पंजाब में BJP का कोई आधार नहीं है।"भगवंत मान का इशारा साफ था, BJP पर आरोप है कि वो विपक्षी नेताओं को ED और CBI के डर से तोड़ती है और फिर उन्हें "साफ" करके अपने साथ ले लेती है।

आज

AAP सांसद संजय सिंह ने सीधे आरोप लगाया कि BJP ने "ऑपरेशन लोटस" चलाया है और ED तथा CBI का इस्तेमाल करके AAP सांसदों को अपने पाले में किया। उन्होंने कहा, "इन सातों नामों को पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी। AAP ने इन्हें जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाया और इन्होंने पंजाब की जनता के साथ गद्दारी की।"

राघव चड्ढा आखिर हैं कौन?

जो नहीं जानते उनके लिए ,राघव चड्ढा AAP के सबसे चमकदार चेहरों में से एक थे। Chartered Accountant की पढ़ाई की, Anna Hazare के आंदोलन से जुड़े और केजरीवाल के साथ मिलकर AAP बनाई। पंजाब से राज्यसभा सांसद बने। बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी की जिसने उन्हें और भी सुर्खियों में लाया। लेकिन आज वही राघव जो कभी AAP की आवाज़ हुआ करते थे, उसी पार्टी को छोड़कर चले गए।

तो आखिर AAP का भविष्य क्या है?

दिल्ली में पहले ही सत्ता जा चुकी है। राज्यसभा में अब सिर्फ तीन सांसद बचे हैं। इस बड़ी टूट ने आम आदमी पार्टी के भविष्य और उसकी सांगठनिक एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पंजाब में भगवंत मान सरकार है जो अभी भी मज़बूत है, लेकिन केंद्र की राजनीति में AAP अब लगभग बेअसर हो गई है। जो पार्टी कभी "राजनीति बदलने" के नारे के साथ उठी थी, आज उसी पार्टी के अपने लोग कह रहे हैं, "यह सही पार्टी नहीं थी।"

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बूथ पर घमासान, शुभेंदु का विस्फोटक बयान ,"बांग्लादेशी मुसलमान डरे हुए हैं!

  बूथ पर पहुंचे शुभेंदु, TMC ने घेर लिया 29 अप्रैल को बंगाल के दूसरे चरण के मतदान के दौरान BJP के नेता प्रतिपक्ष और भवानीपुर से उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर के एक मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही वो बूथ से बाहर निकले, TMC समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और "जय बांग्ला" के नारे लगाने लगे। माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। और इसी तनाव के बीच शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसने पूरे बंगाल में हड़कंप मचा दिया। Source: social media  वो बयान जो वायरल हो गया शुभेंदु अधिकारी ने कैमरे के सामने कहा — "यह सब बांग्लादेशी मुसलमान हैं। यह डरे हुए हैं। ममता का सफाया हो जाएगा।" इससे पहले वो "जय श्री राम" और "हिंदू हिंदू भाई भाई" के नारे लगाते हुए बूथ से बाहर आए थे। ANI ने इस वीडियो को X पर शेयर किया और देखते-देखते यह पूरे देश में वायरल हो गया। यह बयान क्यों इतना बड़ा मुद्दा बना? शुभेंदु अधिकारी का यह बयान कई कारणों से बड़ा मुद्दा बना। पहली बात यह कि उन्होंने बिना किसी सबूत के मतदान केंद्र के बाहर खड़...

बैरकपुर में मोदी का बड़ा दावा: शपथ लेने वापस लौटूंगा

 ⚫ चुनाव के आखिरी दिन हाई-वोल्टेज रैली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के आखिरी चरण में बैरकपुर के जगतदल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया। यह उनकी अंतिम चुनावी सभा थी, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास से भरे कई बड़े बयान दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया और कहा कि वह फिर से बंगाल लौटेंगे। इस बयान ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है। Source: social media   ⚫ “शपथ ग्रहण के लिए वापस आऊंगा” – सबसे बड़ा बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी रैली में कहा कि वह बंगाल से “विश्वास लेकर जा रहे हैं” और 4 मई के बाद फिर लौटेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आएंगे।  यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी की जीत का दावा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह सिर्फ भाषण नहीं बल्कि एक मजबूत चुनावी संदेश था कि पार्टी सत्ता में आने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। ⚫ चुनाव प्रचार को बताया “तीर्थ यात्रा” अपने पूरे बंगाल दौरे को पीएम मोदी ने “तीर्थ यात्रा” ...

80 साल बाद फिर परमाणु की आग — जापान की चाल से चीन बेचैन, UN में मची खलबली!

  29 Pages जिसने दुनिया को हिला दिया चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने एक साथ बयान जारी करके जापान पर दोबारा सैन्यीकरण का आरोप लगाया। इसके साथ ही चीन के दो बड़े थिंक टैंकों ने मिलकर एक 29 पन्नों की रिपोर्ट जारी की जिसमें जापान की "दक्षिणपंथी ताकतों" को विश्व शांति के लिए "गंभीर खतरा" बताया गया।  यह रिपोर्ट सुनने में भले ही राजनीतिक लगे, लेकिन इसके पीछे की असली चिंता बहुत गहरी है — जापान के पास परमाणु हथियार बनाने की पूरी क्षमता है और चीन को डर है कि अब वो इस क्षमता का इस्तेमाल कर सकता है। Source: wikimedia   UN के पास क्यों पहुंचा चीन? चीन ने UN को एक दस्तावेज़ सौंपा और मांग की कि जापान का परमाणु हथियार बनाने का मुद्दा UN की बैठक में एक "महत्वपूर्ण एजेंडा आइटम" के रूप में शामिल किया जाए। चीन मई में UN Security Council की rotating presidency संभाल रहा है इसलिए उसके पास यह मुद्दा उठाने का सही मौका था। चीन ने अपने दस्तावेज़ में चेतावनी दी कि "जापान की दक्षिणपंथी ताकतों को शक्तिशाली आक्रामक हथियार बनाने या परमाणु हथियार रखने देना दुनिया को एक बार फिर नुकस...