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अब ट्रेन में भी फ्लाइट जैसा नियम ज़्यादा सामान ले गए तो भरना होगा जुर्माना! जानो कितना सामान ले जा सकते हो मुफ्त में

 सामान तौलने के बाद मिलेगा प्लेटफॉर्म पर जाने का हक

भारतीय रेलवे अब हवाई अड्डों की तरह ही बड़े रेलवे स्टेशनों पर सामान तौलने की व्यवस्था लागू करने जा रही है। Prayagraj Junction, Kanpur Central, Mirzapur और Aligarh जैसे बड़े स्टेशनों पर electronic weighing machines लगाई जा रही हैं। नए नियमों के तहत यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले अपना सामान तुलवाना होगा। अगर सामान तय सीमा से ज़्यादा निकला तो जुर्माना देना होगा। दिसंबर 2026 से ट्रेन ticket airport boarding pass की तरह काम करेगा।

किस class में कितना सामान मुफ्त ले जा सकते हो?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में इसकी पूरी जानकारी दी। First AC यानी पहला वातानुकूलित दर्जा  70 किलोग्राम मुफ्त। Second AC यानी दूसरा वातानुकूलित दर्जा  50 किलोग्राम मुफ्त। Third AC यानी तीसरा वातानुकूलित दर्जा  40 किलोग्राम मुफ्त। Sleeper Class  35 किलोग्राम मुफ्त। Second Class यानी साधारण दर्जा  35 किलोग्राम मुफ्त।  यह सीमा से ज़्यादा सामान ले जाने पर डेढ़ गुना यानी 1.5 times luggage rate के हिसाब से शुल्क देना होगा।

सामान का आकार भी मायने रखेगा

सिर्फ वज़न ही नहीं बल्कि सामान का आकार भी तय किया गया है। ट्रंक, सूटकेस और बक्से की बाहरी माप 100 सेंटीमीटर लंबाई, 60 सेंटीमीटर चौड़ाई और 25 सेंटीमीटर ऊंचाई से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर सामान इससे बड़ा है तो उसे यात्री डिब्बे में नहीं बल्कि brake van या parcel van में बुक करवाना होगा।

दुकान का सामान ले जाना होगा पूरी तरह बंद

एक बड़ा बदलाव यह भी है कि व्यापारिक सामान यानी merchandise items को अब यात्री डिब्बे में ले जाने की इजाज़त नहीं होगी।  यानी अगर कोई व्यापारी अपना माल ट्रेन में यात्री डिब्बे में ले जाता था तो अब यह नहीं चलेगा। उसे parcel van में booking करानी होगी।

क्यों लाया जा रहा है यह नियम?

इस नियम के पीछे तीन बड़ी वजहें हैं। पहली वजह भारी सामान की वजह से यात्री डिब्बों में जगह की भारी कमी होती है। दूसरी वजह  ज़्यादा सामान से आपातकाल में बाहर निकलने के रास्ते बंद हो जाते हैं जो सुरक्षा के लिए खतरनाक है। तीसरी वजह  रेलवे को उचित शुल्क मिलेगा जिससे सेवाएं बेहतर होंगी। रेलवे का कहना है कि यह नियम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों के लिए है।

विपक्ष का विरोध "यह गरीब विरोधी फैसला है"

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने X पर लिखा — "BJP लोगों पर भारी बोझ बन गई है। सामान तौलने के नाम पर भ्रष्टाचार का नया अध्याय खोला जा रहा है। यह फैसला गरीब विरोधी है।" विपक्ष का तर्क है कि ट्रेन में सफर करने वाले ज़्यादातर लोग गरीब और मध्यमवर्गीय हैं जो अक्सर ज़्यादा सामान लेकर चलते हैं। उन पर यह अतिरिक्त बोझ डालना सही नहीं है।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

यह नियम उन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा मुश्किल होगा जो शादी-ब्याह या त्योहार पर घर जाते हैं और ढेर सारा सामान लेकर चलते हैं। मज़दूर जो काम पर जाते वक्त औज़ार और सामान लेकर चलते हैं उन्हें भी दिक्कत होगी। लेकिन जो लोग कम सामान लेकर चलते हैं उनके लिए डिब्बे में ज़्यादा जगह होगी और सफर आरामदायक बनेगा।


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