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धमाके की आवाज़, ज़ोरदार झटका और कोच दो टुकड़ों में लुधियाना में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस का वो डरावना पल!

 सुबह 9 बजे जो हुआ उसने यात्रियों के होश उड़ा दिए

6 जून 2026 की सुबह करीब 9 बजे। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही Special Express ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर रुकी थी। स्टेशन से रवाना होते ही इंजन ने रफ्तार पकड़ी लेकिन S-2 स्लीपर कोच अचानक बाकी ट्रेन से अलग हो गया। एक ज़ोरदार धमाका हुआ, पूरा कोच हिल गया और यात्री एक-दूसरे को पकड़ने लगे। किसी को समझ नहीं आया कि हुआ क्या। कुछ यात्रियों ने सोचा बम फटा है। पूरे प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अफरातफरी मच गई।
Source: socialmedia 

टॉयलेट के पास से टूटा कोच  सीट और फिटिंग पटरी पर बिखर गई

शुरुआती जांच में पता चला कि S-2 कोच के टॉयलेट वाले हिस्से के पास coupling और welding में खराबी थी। पुराने कोच का chassis कमज़ोर पड़ गया और टॉयलेट section से कोच दो हिस्सों में टूट गया। टॉयलेट की सीटें और फिटिंग पटरी पर जा गिरीं। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन चलते ही एक ज़ोरदार झटका आया जिससे सभी डर गए और तुरंत कोच से बाहर निकलने लगे। 

राहत की बात कोई हताहत नहीं

इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि टूटन टॉयलेट section के पास हुई जहाँ यात्री कम थे। ADCP समीर वर्मा ने साफ किया कि यह कोई बम विस्फोट नहीं था बल्कि coupling failure था। इमरजेंसी टीम तुरंत मौके पर पहुंची, यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया और टूटे हुए कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया।

नया कोच लगाया, ट्रेन रवाना हुई

लुधियाना स्टेशन के निदेशक आदित्य ने बताया कि टूटे हुए S-2 कोच की जगह एक नया कोच लगाया गया और सभी ज़रूरी सुरक्षा जांच के बाद ट्रेन कटरा के लिए रवाना हो गई। यात्रा में बहुत कम देरी हुई।Government Railway Police ने मौके का मुआयना किया और साफ किया कि तोड़फोड़ का कोई सबूत नहीं मिला।

पुरानी उम्र, कमज़ोर कोच यही बना हादसे की वजह

रेलवे अधिकारियों ने माना कि यह हादसा कोच की पुरानी संरचना में तकनीकी खराबी की वजह से हुआ। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर यह खराबी तब आती जब ट्रेन तेज़ रफ्तार से चल रही होती तो नतीजे बहुत भयानक हो सकते थे।रेलवे ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।

एक के बाद एक रेल हादसे कब सुधरेगा सिस्टम?

लुधियाना की यह घटना अकेली नहीं है। अप्रैल में चारमीनार एक्सप्रेस में आग लगी। मई में ऋषिकेश में बोगी हवा में लटकी। और अब लुधियाना में कोच दो टुकड़ों में टूट गया। हर बार जांच के आदेश दिए जाते हैं, हर बार पुराने कोच और खराब रखरखाव को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन जब तक रेलवे की maintenance system को जड़ से नहीं सुधारा जाएगा तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और हर बार यात्री मौत के मुंह से बचकर निकलेंगे।


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