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एक बार बच गया, फिर बैकअप प्लान से गई जान, पुणे केस की इनसाइड स्टोरी

 केतन बच जाता, अगर... पुणे में मंगेतर हत्याकांड पर एक और बड़ा खुलासा

रिश्तों में भरोसा कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी एक डरावनी मिसाल पुणे से सामने आई है। शादी की तैयारियां चल रही थीं, मेहमानों की लिस्ट बन रही थी, लेकिन दूसरी तरफ होने वाली दुल्हन अपने मंगेतर को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना चुकी थी। मामला जितना सुलझता जा रहा है, उतना ही साफ हो रहा है कि यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि महीनों से चल रहा एक ठंडा और हिसाब-किताब वाला खेल था।

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एक मौका नहीं चला तो दूसरा तैयार रखा गया था

जांच में सामने आई सबसे डरावनी बात यह है कि सिर्फ एक जगह या एक मौके पर निर्भर नहीं रहा गया था। अगर लोहागढ़ की योजना किसी वजह से पूरी न होती, तो उसकी जगह एक और ठिकाना और मौका पहले से तय करके रखा गया था। यानी इरादा इतना मजबूत था कि एक कोशिश नाकाम होने पर भी पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई थी।

एक बार मौत के मुंह से लौट आया था केतन

घटना से कुछ दिन पहले भी एक मौका बनाया गया था, जिसमें केतन बुरी तरह गिरने ही वाला था, मगर किसी तरह संभल गया। उस वक्त जो सफाई दी गई, उसने केतन को इतना भरोसा दिला दिया कि उसे शक करने की कोई वजह ही नहीं बची। यह भरोसा ही आगे चलकर उसके लिए सबसे घातक साबित हुआ।

आखिरी मुलाकात बनी आखिरी सांस

जन्मदिन से पहले की एक खास मुलाकात के बहाने केतन को फिर वहीं बुलाया गया, इस बार साजिश में एक तीसरा शख्स भी शामिल था, जो पहले से ही तैयार बैठा था। अपनी पहचान छुपाने के लिए हर मुमकिन सावधानी रखी गई थी ताकि बाद में किसी तरह का सुराग न मिल सके। मौके का पूरा फायदा उठाकर केतन को गहरी खाई की तरफ धकेल दिया गया।

जिस गलती ने खोल दी पूरी सच्चाई

इतनी सावधानी से रची गई साजिश आखिर में एक छोटी सी चूक से बेनकाब हो गई। मौके पर मौजूद कैमरों में कुछ ऐसा कैद हुआ जो हालात के हिसाब से बिल्कुल अटपटा था, और इसी एक बात ने पुलिस की जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी। इसके साथ ही परिवार के एक करीबी सदस्य ने भी कुछ ऐसी बातें पुलिस को बताईं, जो पहले अनदेखी कर दी गई थीं।

अदालत में होगा आगे का फैसला

पुलिस के सामने आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और दोनों के खिलाफ हत्या तथा साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब आगे की कार्रवाई कोर्ट में पेश होने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी।


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