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पाकिस्तान में 24 घंटे में दूसरी बार हिली धरती, 5.4 तीव्रता के भूकंप से बलूचिस्तान में दहशत

शनिवार सुबह फिर डोली ज़मीन

पाकिस्तान में शनिवार सुबह एक बार फिर भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए। यह झटके बलूचिस्तान प्रांत में दर्ज किए गए, जहां 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। इस झटके ने डेरा गाज़ी खान के आसपास के इलाकों से लेकर बलूचिस्तान के कई हिस्सों तक लोगों को डरा दिया। हालांकि अच्छी बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।

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24 घंटे में दूसरा झटका, बढ़ी चिंता

सबसे चिंता की बात यह रही कि यह पाकिस्तान में बीते 24 घंटों के अंदर आया दूसरा भूकंप है। इससे पहले शुक्रवार शाम को भी 5.3 तीव्रता का एक झटका महसूस किया गया था। इतने कम समय में लगातार दो भूकंप आने से इलाके के लोगों में डर और बढ़ गया है, और अधिकारी आगे आने वाले आफ़्टरशॉक्स पर भी नज़र बनाए हुए हैं।

कहां था भूकंप का केंद्र

यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र के मुताबिक यह भूकंप ज़मीन से करीब 35 किलोमीटर की गहराई पर आया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के मूसा खेल जिले में बताया जा रहा है, जो बलूचिस्तान और पंजाब प्रांत की सीमा के बेहद करीब है। यही वजह रही कि इसके झटके दोनों प्रांतों के कई शहरों और कस्बों तक महसूस किए गए। हालांकि भूकंप की सही गहराई और तीव्रता को लेकर अलग अलग एजेंसियों के आंकड़ों में थोड़ा फर्क भी देखा गया, जो शुरुआती आकलन में आम बात मानी जाती है।

कई शहरों में महसूस हुए झटके

भूकंप का केंद्र भले ही बलूचिस्तान में रहा हो, लेकिन इसके झटके आसपास के कई शहरों तक पहुंचे। केंद्र के नजदीक रहने वाले लोगों ने तेज़ झटके महसूस किए, जबकि दूर के इलाकों में हल्के लेकिन साफ झटके अनुभव किए गए। अचानक आए इस भूकंप से लोग घरों से बाहर निकल आए और कुछ देर तक डर का माहौल बना रहा।

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पाकिस्तान में भूकंप क्यों आते रहते हैं

पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि यह देश भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है। भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की दिशा में खिसक रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है, जिससे ज़मीन के नीचे दबाव बनता रहता है। यही दबाव जब किसी फॉल्ट लाइन के सहारे अचानक रिलीज़ होता है, तो उसका नतीजा भूकंप के रूप में सामने आता है।

दुनिया भर में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि

यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे कुछ ही दिन पहले वेनेज़ुएला में दो बड़े भूकंप आए थे, जिनकी तीव्रता 7.2 और 7.5 दर्ज की गई थी और जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप पर भी हाल ही में 6.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इन सब घटनाओं को देखते हुए वैज्ञानिक और आम लोग दोनों ही भूकंप संभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की बात कर रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की संरचनात्मक क्षति या आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। बलूचिस्तान के दूर दराज इलाकों से जानकारी आने में समय लगता है, इसलिए प्रशासन वहां की स्थिति का आकलन करने में जुटा है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखी जा रही है।


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