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Norway में पत्रकार ने टोका, मोदी चुपचाप निकल गए,12 साल में एक भी Press Conference नहीं, आखिर क्यों?

 Oslo में वो पल जो पूरी दुनिया ने देखा

18 मई 2026 की शाम Norway की राजधानी Oslo में। PM नरेंद्र मोदी और Norway के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre ने media को official statements दिए। Statement खत्म हुई, कैमरे चल रहे थे, पत्रकार इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही मोदी कमरे से बाहर निकलने लगे तो Norway की वरिष्ठ पत्रकार Helle Lyng ने ऊंची आवाज़ में पूछा  "Prime Minister Modi, why don't you take some questions from the freest press in the world?" मोदी ने पलटकर देखा तक नहीं। वो बिना जवाब दिए Støre के साथ चलते रहे। यह वीडियो देखते-देखते पूरी दुनिया में वायरल हो गया।

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Norwegian पत्रकार Helle Lyng ने क्या किया?

Helle Lyng वहीं नहीं रुकीं। उन्होंने X पर पूरा किस्सा share किया। लिखा "भारत के PM मोदी ने मेरा सवाल नहीं लिया। मुझे उम्मीद नहीं थी कि वो लेंगे लेकिन मैंने कोशिश की।" Indian Embassy in Norway ने उन्हें एक press briefing का न्योता दिया जो रात 9:30 बजे Radisson Blu Plaza Hotel में थी। Helle और उनके colleague वहां पहुंचे। उन्होंने सवाल पूछे  Norway को भारत पर भरोसा क्यों करना चाहिए जब वहां human rights violations हो रहे हैं? लेकिन Indian officials ने सीधा जवाब देने की जगह बात घुमाई और India-Norway trade relations पर बात करने लगे।

2014 से अब तक एक भी Press Conference नहीं

यह पहली बार नहीं हुआ। 2014 में PM बनने के बाद से मोदी ने भारत में एक भी press conference नहीं की। 2019 में एक press conference जरूर हुई लेकिन उसमें BJP अध्यक्ष Amit Shah ने सारे सवाल लिए, मोदी बस वहां बैठे रहे और एक शब्द नहीं बोला। 12 साल में पूरा देश उन्हें TV पर रोज़ देखता है, Mann Ki Baat सुनता है, रैलियों में सुनता है। लेकिन कोई पत्रकार सीधा सवाल पूछे और मोदी जवाब दें, ऐसा एक बार भी नहीं हुआ।

विदेश में भी वही रवैया

विदेश में भी मोदी का media से दूरी बनाने का रवैया जारी रहा है। जब वो 2025 में Trump से मिले तो एक joint press conference हुई। एक पत्रकार ने Adani के fraud indictment पर सवाल पूछा। मोदी ने जवाब नहीं दिया और बात बदल दी। Rahul Gandhi ने उस वक्त X पर लिखा था  "देश में सवाल पूछो तो चुप्पी, विदेश में पूछो तो personal matter! अमेरिका में भी मोदी जी ने Adani जी का बचाव किया।" और अब Norway में यही हुआ।

Norway दौरे का मकसद क्या था?

मोदी Norway इसलिए गए थे क्योंकि West Asia की जंग की वजह से India का energy crisis गहराता जा रहा है। Norway दुनिया के सबसे बड़े तेल और gas producers में से एक है। मोदी वहां energy sharing और investment के मौके तलाशने गए थे। यह दौरा India के लिए बहुत ज़रूरी था। लेकिन जब Norway की media ने सवाल पूछने की कोशिश की तो मोदी के चुपचाप निकल जाने से Norway में भारत की image को नुकसान पहुंचा।

Rahul Gandhi का हमला "इनका DNA ही ऐसा है"

इस पूरे मामले पर Rahul Gandhi ने X पर लिखा  "PM मोदी Norway में press से सवाल नहीं लेते, भारत में press conference नहीं करते। 12 साल हो गए। यह भागने का DNA है। जो सच से डरता है वो press से भागता है।" Congress ने कहा कि दुनिया का कोई बड़ा लोकतांत्रिक नेता ऐसा नहीं करता जो 12 साल तक पत्रकारों के सवालों से बचता रहे।

मोदी Press Conference क्यों नहीं करते?

यह सवाल बहुत पुराना है और इसके कई जवाब दिए जाते हैं। BJP का कहना है कि मोदी social media के ज़रिए सीधे जनता से बात करते हैं, press conference की ज़रूरत नहीं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि social media एकतरफा बातचीत है जहाँ आप वही बोलते हो जो चाहते हो। Press conference में पत्रकार वो सवाल पूछते हैं जो जनता पूछना चाहती है। एक लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का जवाबदेह होना ज़रूरी है और press conference उसी जवाबदेही का सबसे बड़ा मंच है।

Norway की "Freest Press" वाली बात का मतलब

Helle Lyng ने जो कहा "freest press in the world" वो बेकार नहीं था। Reporters Without Borders की Press Freedom Index में Norway दुनिया में पहले नंबर पर है जबकि India 151वें नंबर पर है। यानी जिस देश में press सबसे आज़ाद है उसके पत्रकार भारत के PM से सवाल पूछना चाहते थे। और PM बिना जवाब दिए चले गए। यह तस्वीर भारत की global image के लिए अच्छी नहीं है।



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