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Clock ticking है ईरान , Deal करो वरना कुछ नहीं बचेगा!" Trump की चेतावनी

 Trump का सब्र टूट रहा है

अमेरिका और ईरान के बीच जंग दो महीने से ज़्यादा चल चुकी है। 7 अप्रैल को एक ceasefire हुआ था ताकि दोनों देश बातचीत कर सकें। लेकिन बातचीत बार-बार टूट रही है और Trump का सब्र अब खत्म होने की कगार पर है। इसी हफ्ते Trump ने साफ कहा कि ceasefire "massive life support" पर है। शनिवार को उन्होंने अपनी national security team के साथ एक बड़ी बैठक की और अगले कदम पर चर्चा की। उनका संदेश ईरान के लिए एकदम साफ था  "Clock ticking है, जल्दी deal करो वरना नतीजे बहुत बुरे होंगे।"

Source:ai

ईरान का proposal Trump को मंज़ूर नहीं

बातचीत का ताज़ा दौर इसलिए रुका है क्योंकि ईरान ने जो proposal दिया वो Trump को "totally unacceptable" और "stupid" लगा। ईरान चाहता है कि पहले जंग पूरी तरह बंद हो, सारे sanctions हटें, Strait of Hormuz खुले  और nuclear program की बात बाद में हो। लेकिन Trump यह बिल्कुल नहीं मानते। उनकी मांग है कि ईरान कम से कम 10 साल के लिए nuclear program बंद करे और 440 किलोग्राम enriched uranium तुरंत America को सौंपे। यही वो deadlock है जिसकी वजह से ceasefire fragile बना हुआ है।

Pentagon और White House में दो camps

Trump administration के अंदर ही दो अलग-अलग सोच है। Pentagon के कुछ अधिकारी कह रहे हैं कि ईरान पर और targeted strikes किए जाएं ताकि उन्हें deal करने पर मजबूर किया जा सके। दूसरी तरफ कुछ अधिकारी अभी भी कह रहे हैं कि diplomacy को और मौका दिया जाए। America के Energy Secretary Chris Wright ने साफ कहा है कि अगर अगले कुछ दिनों में deal का रास्ता नहीं निकला तो Strait of Hormuz खोलने के लिए military operations दोबारा शुरू होंगे।

Strait of Hormuz बंद है  पूरी दुनिया तड़प रही है

Strait of Hormuz की बंदी का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान पर नहीं पड़ रहा। Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक 80 से ज़्यादा देशों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बचाने के लिए emergency measures लागू किए हैं। गर्मी का मौसम आ रहा है जिसमें AC और holiday travel की वजह से तेल की मांग और बढ़ेगी। traders डर रहे हैं कि Brent crude 180 dollar per barrel तक पहुंच सकता है जो अभी तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा। पहले से ही तेल 100 dollar per barrel से ऊपर चल रहा है।

ईरान भी पीछे नहीं हटा

ईरान ने भी झुकने से इनकार कर दिया है। Iran के parliament सदस्य Esmail Kowsari ने UAE को सीधे warning दी कि वो America और Israel के साथ cooperation बंद करे। ईरान ने एक नया maritime insurance platform भी launch किया जिसमें Strait of Hormuz से गुज़रने वाले जहाज़ों को Bitcoin में insurance मिल सकती है। Revolutionary Guard के General Salami ने कहा कि अगर हमला हुआ तो "hell gates" खोल दिए जाएंगे।

China factor  Trump-Xi बैठक अहम

इस पूरे मामले में China की भूमिका बहुत अहम है। एक regional source ने CNN को बताया कि Iran-America talks में कोई बड़ी progress तब तक नहीं होगी जब तक Trump और China के President Xi Jinping की बैठक नहीं होती। Trump इस हफ्ते Beijing जाने वाले हैं। माना जा रहा है कि China ईरान पर pressure डाल सकता है क्योंकि ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार China ही है। ईरान के Foreign Minister Araghchi भी इसी हफ्ते Delhi में BRICS की बैठक में होंगे जहाँ Saudi Arabia और Egypt के विदेश मंत्री भी होंगे।

भारत पर क्या असर हो रहा है?

भारत इस पूरे घटनाक्रम को सबसे ज़्यादा feel कर रहा है। India की 85% तेल ज़रूरत विदेश से पूरी होती है और Strait of Hormuz उसका सबसे बड़ा रास्ता है। पेट्रोल-डीजल के दाम पहले ही 3 रुपये बढ़ चुके हैं। LPG की किल्लत का डर है। PM Modi ने सोना न खरीदने और तेल कम जलाने की अपील की है। और अगर यह जंग और लंबी खिंची या दोबारा भड़की तो भारत की economy पर असर और गहरा होगा।

आगे क्या होगा?

अगले 72 घंटे बहुत अहम हैं। Trump-Xi बैठक, Iran के Foreign Minister की BRICS में मौजूदगी और America की military planning यह सब एक साथ चल रहा है। अगर deal हो गई तो Strait of Hormuz खुलेगा, तेल सस्ता होगा और दुनिया को राहत मिलेगी। लेकिन अगर बातचीत टूटी और America ने military action किया तो यह जंग एक नए और खतरनाक मोड़ पर जा सकती है।


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