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सोना मत खरीदो, तेल कम जलाओ, विदेश मत जाओ ,मोदी की यह अपील क्यों? पीछे है एक बड़ा खतरा!

 हैदराबाद की रैली में मोदी ने कही वो बात जो पहले कभी नहीं कही

10 मई 2026 को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसा कहा जो पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं कहा था। उन्होंने देश की जनता से सीधी अपील की शादियों में एक साल तक सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम जलाओ, खाने का तेल कम इस्तेमाल करो, विदेश की यात्रा एक साल के लिए टाल दो और Work From Home फिर से शुरू करो। यह सुनकर पूरा देश हैरान हो गया। सबके मन में एक ही सवाल था  आखिर ऐसी नौबत क्यों आई?

Source: wikimedia 

वजह है West Asia की जंग और तेल की आग

इस अपील के पीछे एक बड़ी वजह है। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया की तेल की सप्लाई को हिला दिया है। Strait of Hormuz जो दुनिया का सबसे बड़ा तेल का रास्ता है  वहाँ से तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका नतीजा यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। भारत अपनी ज़रूरत का 85% तेल विदेश से मंगाता है। यानी जितना ज़्यादा तेल जलेगा, उतना ज़्यादा डॉलर बाहर जाएगा और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा।

सोना क्यों नहीं खरीदना?  डॉलर बाहर जाने की समस्या

मोदी ने खासतौर पर शादियों में सोना न खरीदने की अपील की। इसके पीछे भी वही कारण है। भारत हर साल 700 से 800 टन सोना विदेश से मंगाता है। यह सब डॉलर में खरीदा जाता है। जब दुनिया में तेल महंगा हो और डॉलर पर पहले से दबाव हो तो सोने की खरीदारी उस दबाव को और बढ़ा देती है। मोदी का कहना था  "एक साल के लिए बस रुक जाओ। देश की ज़रूरत अभी इससे बड़ी है।"

खाने का तेल 60% विदेश से आता है

खाने के तेल की बात करें तो भारत अपनी ज़रूरत का 60% तेल विदेश से मंगाता है  खासकर पाम तेल मलेशिया और इंडोनेशिया से। जब वैश्विक बाज़ार में कीमतें बढ़ती हैं तो भारत को ज़्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। मोदी ने किसानों को भी रासायनिक खाद का इस्तेमाल 50% कम करने की अपील की क्योंकि वो भी बड़े पैमाने पर विदेश से मंगाई जाती है।

Work From Home क्यों?  पेट्रोल बचाओ

मोदी ने कहा  "Corona के दौरान हमने Work From Home, Online Meetings, Video Conferencing को अपनाया था। आज फिर उसी की ज़रूरत है।" उनका तर्क सीधा था अगर लोग घर से काम करेंगे तो गाड़ियाँ कम चलेंगी, पेट्रोल कम जलेगा और तेल का आयात कम होगा। इसके साथ ही उन्होंने Metro, Carpooling और Electric Vehicles का इस्तेमाल बढ़ाने की भी अपील की।

विदेश यात्रा एक साल के लिए टालो

मोदी ने मध्यमवर्ग को सीधे संबोधित करते हुए कहा "विदेश में शादी करने, छुट्टियां मनाने और घूमने का चलन बढ़ रहा है। एक साल के लिए इसे टाल दो। यह देश के हित में है।" विदेश यात्रा भी डॉलर में होती है और इससे भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है।

तेल कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान

पर्दे के पीछे एक और बड़ी समस्या है। तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ी हैं लेकिन सरकार ने अभी तक देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। इसकी वजह से तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। अगर यही चलता रहा तो या तो दाम बढ़ाने पड़ेंगे या सरकारी खज़ाने से भरपाई करनी होगी।

राहुल गांधी ने बोला हमला "यह नाकामी के सबूत हैं"

मोदी की इस अपील पर विपक्ष ने तुरंत हमला बोला। राहुल गांधी ने X पर लिखा  "मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। यह उपदेश नहीं  यह नाकामी के सबूत हैं।" राहुल ने मोदी को "Compromised PM" कहते हुए कहा कि 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया कि जनता को बताना पड़ रहा है क्या खरीदें क्या न खरीदें।

असल बात यह मांग बड़ी है, पर देशभक्ति भी बड़ी है

मोदी की यह अपील पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने देश से त्याग मांगा हो। 1962 की जंग में लाल बहादुर शास्त्री ने देश से एक वक्त का खाना छोड़ने की अपील की थी। वो अपील जनता ने मानी थी। इस बार की अपील भी एक संकट की घड़ी में आई है। सोना, तेल और विदेश यात्रा  यह सब आम आदमी के लिए त्याग की बात है। लेकिन अगर यह त्याग देश की अर्थव्यवस्था को बचा सकता है तो शायद यही समझदारी है।


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