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ऋषिकेश में बड़ा रेल हादसा टला, उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 डिब्बे पटरी से उतरे!

 रात के अंधेरे में ऋषिकेश में मच गई अफरातफरी

18 मई 2026 की देर रात उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। एक बोगी बेकाबू होकर हवा में 20 फुट तक लटक गई और फिर एक खंभे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर की आवाज इतनी तेज़ थी कि रेलवे परिसर और आसपास के पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। पल भर में लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।

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गनीमत रही कि ट्रेन खाली थी

इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि उस वक्त ट्रेन पूरी तरह खाली थी। ट्रेन maintenance yard की तरफ शंटिंग के लिए जा रही थी और उसमें कोई यात्री सवार नहीं था। अगर यह हादसा किसी भरी हुई ट्रेन के साथ हुआ होता तो तस्वीर बहुत भयावह होती। लेकिन खाली होने के बावजूद यह हादसा रेलवे की लापरवाही का एक और गंभीर सबूत है।

ब्रेक फेल  यही बना हादसे की वजह

शुरुआती जांच में पता चला कि maintenance के दौरान ब्रेक फेल हो गए। ब्रेक फेल होते ही ट्रेन के डिब्बे अनियंत्रित हो गए और तेज़ी से आगे बढ़ते हुए पटरी छोड़ दी। खांड गांव के पास एक बोगी सीधे खंभे से जा टकराई जिससे वो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने इस हादसे को "संदिग्ध" बताया और कहा कि ऐसी गलती maintenance के दौरान होना रेलवे की घोर लापरवाही है।

ढाई घंटे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा

हादसे के बाद जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई वो यह थी कि ढाई घंटे तक रेलवे का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। GRP के जवानों ने मोर्चा संभाला और भीड़ को हटाया। लेकिन इतने बड़े हादसे में अधिकारियों की इतनी देर से मौजूदगी ने रेलवे प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।

वीडियो वायरल  देखकर सिहर उठे लोग

हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। इसमें साफ दिख रहा है कि एक बोगी हवा में 20 फुट ऊपर लटकी हुई है और नीचे पटरी से पूरी तरह उखड़ी हुई है। इस वीडियो को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। X पर यह वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचा और रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल उठने लगा।

ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ  रेलवे का दावा

रेलवे विभाग ने कहा कि इस हादसे की वजह से किसी अन्य ट्रेन का संचालन प्रभावित नहीं हुआ। क्षतिग्रस्त बोगियों को ट्रैक से हटाने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि जांच के आदेश तो हर बार दिए जाते हैं ,नतीजा कब आता है?

यह पहली बार नहीं  बार-बार क्यों होते हैं ऐसे हादसे?

ऋषिकेश में यह पहली बार नहीं हुआ। अप्रैल 2026 में भी यहां एक ट्रेन पटरी से उतरकर दीवार से टकराई थी। चारमीनार एक्सप्रेस में आग लगी थी। बरगी डैम पर क्रूज़ डूबा। एक के बाद एक हादसे हो रहे हैं और हर बार एक ही बात होती है , जांच के आदेश, कुछ दिन की चर्चा और फिर सब भुला दिया जाता है। जब तक रेलवे की maintenance system को जड़ से नहीं सुधारा जाएगा तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।


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