सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

चार्जर पर बना यह छोटा सा निशान, असली नकली की पूरी कहानी बता देगा!

 एक ग़लती जो सब करते हैं

फोन का चार्जर खराब हुआ, बाज़ार गए और दो सौ-तीन सौ रुपये में एक चार्जर उठा लाए। ऊपर से Samsung या Apple का नाम लिखा है, देखने में भी बिल्कुल असली जैसा लगता है। लगा कि सस्ते में काम हो गया। लेकिन असल में आपने अपने हज़ारों रुपये के फोन की बैटरी के साथ एक बड़ा खिलवाड़ कर लिया। नकली चार्जर सिर्फ फोन की बैटरी खराब नहीं करता यह फोन में आग भी लगा सकता है और करंट भी दे सकता है। लेकिन अब घबराने की ज़रूरत नहीं क्योंकि आपके चार्जर पर जो बारकोड बना है वो सब बता देगा। एक बहुत पुराना कहावत है,

सस्ता रोए बार बार 

महंगा रोए एक बार

Source:ai

चार्जर पर बारकोड होता क्या है?

ज़्यादातर लोगों ने चार्जर पर छपे उस काली-सफेद धारियों वाले निशान को कभी ध्यान से नहीं देखा। यही बारकोड है। इसमें चार्जर की पूरी जानकारी भरी होती है जैसे कंपनी का नाम, मॉडल नंबर, बनने की तारीख और BIS यानी भारतीय मानक ब्यूरो का रजिस्ट्रेशन नंबर। असली चार्जर पर यह बारकोड स्कैन करने पर वही जानकारी सामने आती है जो चार्जर पर छपी है। नकली चार्जर में या तो बारकोड होता ही नहीं, या फिर स्कैन करने पर जानकारी मेल नहीं खाती।

BIS नंबर-असली पहचान का सबसे बड़ा हथियार

भारत में बिकने वाले हर चार्जर पर BIS यानी Bureau of Indian Standards का नंबर होना ज़रूरी है। यह नंबर सरकार द्वारा दिया जाता है और इसका मतलब है कि चार्जर सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरा है। अगर तुम्हारे चार्जर पर यह नंबर नहीं है तो समझ लो वो नकली है। अगर नंबर है तो उसे Umang App या BIS Care की वेबसाइट पर जाकर जाँच सकते हो।

कैसे करें बारकोड स्कैन और जाँच?

यह काम बेहद आसान है और बस दो मिनट लगते हैं। सबसे पहले अपने फोन पर Umang App डाउनलोड करो जो सरकारी ऐप है और बिल्कुल मुफ्त है। ऐप खोलो और होम स्क्रीन पर BIS Care सर्च करो। इसके बाद अपने चार्जर पर बना बारकोड स्कैन करो। अगर चार्जर असली है तो स्क्रीन पर उसकी पूरी सही जानकारी आ जाएगी कंपनी का नाम, मॉडल नंबर और रजिस्ट्रेशन की तारीख। अगर जानकारी नहीं आई या गलत आई तो चार्जर नकली है।

Anker और Baseus जैसी कंपनियाँ कैसे करती हैं जाँच?

भारत में Anker और Baseus जैसी मशहूर चार्जर कंपनियाँ अपने असली उत्पादों पर एक खास सुरक्षा कोड देती हैं जो पैकेजिंग के पीछे एक खुरचने वाली परत के नीचे छुपा होता है। उसे खुरचो, कोड मिलेगा। उसके बगल में एक QR कोड भी होता है। फोन के कैमरे से उस QR कोड को स्कैन करो सीधे कंपनी की वेबसाइट पर चले जाओगे जहाँ तुम्हारा प्रोडक्ट असली है या नकली यह साफ लिखा होगा।

असली और नकली चार्जर में और क्या फर्क होता है?

बारकोड के अलावा भी कुछ चीज़ें हैं जो असली और नकली चार्जर में फर्क बताती हैं। असली चार्जर का वज़न थोड़ा ज़्यादा होता है क्योंकि उसके अंदर अच्छे पुर्ज़े लगे होते हैं। नकली चार्जर हल्का और खोखला लगता है। असली चार्जर पर छपाई एकदम साफ और गहरी होती है जबकि नकली पर धुंधली या थोड़ी टेढ़ी-मेढ़ी होती है। असली चार्जर फोन को तेज़ और सही तरीके से चार्ज करता है, नकली चार्जर धीमा चार्ज करता है और गर्म भी ज़्यादा होता है।

नकली चार्जर से क्या-क्या नुकसान हो सकता है?

नकली चार्जर सिर्फ फोन धीमा चार्ज कर ता है,यही एक नुकसान नहीं है बल्कि नकली चार्जर फोन की बैटरी को धीरे-धीरे बर्बाद कर देता है। ज़्यादा गर्म होने की वजह से फोन के अंदरूनी हिस्से खराब हो सकते हैं। सबसे ज़रूरी बात घटिया सामग्री से बने नकली चार्जर में शॉर्ट सर्किट हो सकता है जिससे आग भी लग सकती है या करंट आ सकता है। दुनिया भर में नकली चार्जर की वजह से आग लगने की कई घटनाएँ हो चुकी हैं।

एक बार स्कैन करो, ज़िंदगी भर का चैन पाओ

अगली बार जब भी नया चार्जर खरीदो चाहे दुकान से लो या ऑनलाइन बस एक काम करो। चार्जर पर बना बारकोड स्कैन करो और BIS नंबर जाँचो। यह दो मिनट का काम तुम्हारे हज़ारों रुपये के फोन को बचा सकता है, बैटरी की उम्र बढ़ा सकता है और घर में किसी बड़े हादसे से भी बचा सकता है। सस्ते की लालच में कभी-कभी बहुत महंगा सौदा हो जाता है  और चार्जर के मामले में यह बात एकदम सच है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बूथ पर घमासान, शुभेंदु का विस्फोटक बयान ,"बांग्लादेशी मुसलमान डरे हुए हैं!

  बूथ पर पहुंचे शुभेंदु, TMC ने घेर लिया 29 अप्रैल को बंगाल के दूसरे चरण के मतदान के दौरान BJP के नेता प्रतिपक्ष और भवानीपुर से उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर के एक मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे। जैसे ही वो बूथ से बाहर निकले, TMC समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और "जय बांग्ला" के नारे लगाने लगे। माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। और इसी तनाव के बीच शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसने पूरे बंगाल में हड़कंप मचा दिया। Source: social media  वो बयान जो वायरल हो गया शुभेंदु अधिकारी ने कैमरे के सामने कहा — "यह सब बांग्लादेशी मुसलमान हैं। यह डरे हुए हैं। ममता का सफाया हो जाएगा।" इससे पहले वो "जय श्री राम" और "हिंदू हिंदू भाई भाई" के नारे लगाते हुए बूथ से बाहर आए थे। ANI ने इस वीडियो को X पर शेयर किया और देखते-देखते यह पूरे देश में वायरल हो गया। यह बयान क्यों इतना बड़ा मुद्दा बना? शुभेंदु अधिकारी का यह बयान कई कारणों से बड़ा मुद्दा बना। पहली बात यह कि उन्होंने बिना किसी सबूत के मतदान केंद्र के बाहर खड़...

बैरकपुर में मोदी का बड़ा दावा: शपथ लेने वापस लौटूंगा

 ⚫ चुनाव के आखिरी दिन हाई-वोल्टेज रैली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के आखिरी चरण में बैरकपुर के जगतदल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया। यह उनकी अंतिम चुनावी सभा थी, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास से भरे कई बड़े बयान दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया और कहा कि वह फिर से बंगाल लौटेंगे। इस बयान ने चुनावी बहस को और तेज कर दिया है। Source: social media   ⚫ “शपथ ग्रहण के लिए वापस आऊंगा” – सबसे बड़ा बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी रैली में कहा कि वह बंगाल से “विश्वास लेकर जा रहे हैं” और 4 मई के बाद फिर लौटेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आएंगे।  यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी की जीत का दावा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह सिर्फ भाषण नहीं बल्कि एक मजबूत चुनावी संदेश था कि पार्टी सत्ता में आने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। ⚫ चुनाव प्रचार को बताया “तीर्थ यात्रा” अपने पूरे बंगाल दौरे को पीएम मोदी ने “तीर्थ यात्रा” ...

80 साल बाद फिर परमाणु की आग — जापान की चाल से चीन बेचैन, UN में मची खलबली!

  29 Pages जिसने दुनिया को हिला दिया चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालय ने एक साथ बयान जारी करके जापान पर दोबारा सैन्यीकरण का आरोप लगाया। इसके साथ ही चीन के दो बड़े थिंक टैंकों ने मिलकर एक 29 पन्नों की रिपोर्ट जारी की जिसमें जापान की "दक्षिणपंथी ताकतों" को विश्व शांति के लिए "गंभीर खतरा" बताया गया।  यह रिपोर्ट सुनने में भले ही राजनीतिक लगे, लेकिन इसके पीछे की असली चिंता बहुत गहरी है — जापान के पास परमाणु हथियार बनाने की पूरी क्षमता है और चीन को डर है कि अब वो इस क्षमता का इस्तेमाल कर सकता है। Source: wikimedia   UN के पास क्यों पहुंचा चीन? चीन ने UN को एक दस्तावेज़ सौंपा और मांग की कि जापान का परमाणु हथियार बनाने का मुद्दा UN की बैठक में एक "महत्वपूर्ण एजेंडा आइटम" के रूप में शामिल किया जाए। चीन मई में UN Security Council की rotating presidency संभाल रहा है इसलिए उसके पास यह मुद्दा उठाने का सही मौका था। चीन ने अपने दस्तावेज़ में चेतावनी दी कि "जापान की दक्षिणपंथी ताकतों को शक्तिशाली आक्रामक हथियार बनाने या परमाणु हथियार रखने देना दुनिया को एक बार फिर नुकस...